दैनिक कार्यक्रम
- प्रातः 4.00 बजे: जागरण
- प्रातः 4.45 बजे: अज्झप्प जोगं (अध्यात्म योग ध्यान)
- प्रातः 6.00 बजे: जिनाभिषेक
- प्रातः 6.30 बजे: नित्य नियम एवं पर्व पूजन
- प्रातः 9.00 बजे: आचार्यश्री के मंगल प्रवचन
- प्रातः 10.00 बजे: आहारचर्या
- प्रातः 11.00 बजे: शिविरार्थी भोजन
- दोपहर 12.00 बजे: सामायिक
- दोपहर 1.30 से 2.00 बजे: कक्षा
- दोपहर 2.00 से 2.30 बजे: कक्षा
- दोपहर 2.30 से 3.00 बजे: तत्त्वार्थ सूत्र वाचन
- दोपहर 3.00 से 4.30 बजे: तत्त्वार्थ सूत्र व्याख्यान (आचार्य श्री)
- सायं 4.45 बजे: अल्पाहार
- सायं 5.30 बजे: प्रतिक्रमण
- सायं 6.30 बजे: सामायिक, प्रश्न-पुच्छा, आरती, गुरु भक्ति
- सायं 7.30 बजे: शास्त्र प्रवचन
- सायं 9.00 बजे: सांस्कृतिक कार्यक्रम
- रात्रि 10.00 बजे: विश्राम
नियम एवं शर्तें
- समस्त शिविरार्थी को सभी कार्यक्रमों में उपस्थित रहना अनिवार्य है।
- इन दस दिनों के दौरान आपका रात्रि में चारों प्रकार के आहार का त्याग, बिस्तर का उपयोग नहीं करना, चरण पादुका का उपयोग नहीं करना, कंदमूल का त्याग, बाहरी खाद्य पदार्थ का त्याग, ब्रह्मचर्य व्रत का पालन, अनुशासन आदि बातों का ध्यान रखना है।
- समस्त कक्षा, सामायिक, प्रतिक्रमण आदि संघस्थ मुनि, आर्यिका द्वारा कराया जाएगा।
- समस्त शिविरार्थी के लिए प्रातःकालीन शुद्ध भोजन एवं सायंकालीन अल्पाहार की व्यवस्था रहेगी।
- बाहर से आए हुए शिविरार्थियों की आवास की व्यवस्था रहेगी।
- समस्त उपवासकर्ता को विशेष आशीर्वाद आचार्यश्री द्वारा।
- ऑनलाइन फॉर्म भरना अनिवार्य है। उसी आधार पर आपको कमेटी द्वारा शिविर में सहभागिता की अनुमति दी जाएगी। अनुमति देते ही आपके पास आई.डी. कार्ड आएगा। आपको वह हर समय अपने पास ही रखना है।
- आपको फॉर्म के साथ अपना आधार कार्ड संलग्न करवाना है।
- शिविर अवधि के दौरान मोबाइल का उपयोग कम से कम करना है एवं कक्षा में पूर्ण रूप से मोबाइल का उपयोग निषेध रहेगा।
महत्वपूर्ण सूचना
नोट: फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 रहेगी, ताकि समय रहते हम आपकी उचित व्यवस्था कर सके।
सभी शिविरार्थी को धोती, दुपट्टा एवं साड़ी दी जायेगी। आपको उसी वेश-भूषा में रहना है।
